हेलो दोस्तों आज की पोस्ट मैंने बताया है की आप किस तरीके से स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध लिख सकते है । ये पोस्ट स्वच्छ भारत अभियान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है तथा आपको स्वच्छता के प्रति प्रेरित करती है ।
स्वच्छ भारत अभियान तथा स्वच्छता का हमारे जीवन में महत्व - आप सभी जानते है की स्वच्छता हमारे जीवन में कितनी महत्वपूर्ण है।ये है हमें विभिन प्रकार की बीमारियों से बचाती है ।इस्सलिये बच्चो को हम जन्म से ही स्वच्छता का सन्देश देते है ।साफ सफाई हमारे जीवन का मूल कर्तवय है । इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के विचारों से देश में बढ़ती गंदगी को देखते हुए 2 अक्टूबर 2014 को सड़क पर उतर कर स्वयं स्वच्छ भारत अभियान का शुभारंभ किया तथा देश की जनता से यह आग्रह किया कि वह इस अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका दिखाइए ।स्वच्छ भारत अभियान एक जवलंत मुद्दा होने के कारण यह विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं में पूछा जाता है। इस पर अक्षर कक्षा 10वीं तथा 12वीं के एग्जाम में निबंध लिखने के लिए आता है ।अतः इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने इस पोस्ट में यह बताया है कि आप किस तरीके से एक सुंदर स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध लिख सकते हैं तथा अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध के अलावा हमने इस पोस्ट में कुछ महत्वपूर्ण संदेश को भी शामिल किया है जो आप अपनी लिखकर कॉपी जांचकर्ता को प्रभावित कर सकते हैं अतः नीचे दिए गए निबंध को ध्यान से पढ़ें।
स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Hindi Essay On Swachh Bharat Abhiyan |
राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान
अथवा
स्वच्छ भारत मिशन
1.प्रस्तावना
2.स्वच्छता अभियान के उद्देश्य
3.स्वच्छता अभियान का व्यापक क्षेत्र
3.स्वच्छता अभियान का व्यापक क्षेत्र
4.स्वच्छता अभियान से लाभ
5.उपसंहार
प्रस्तावना-
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को गुलामी से मुक्त कराया परंतु क्लीन इंडिया का उनका सपना पूरा नहीं हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन की दृष्टि में भी भारत में स्वच्छता की कमी है। इन्हीं बातों का चिंतन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान का औपचारिक शुभारंभ 2 अक्टूबर 2014 गांधी जयंती के अवसर पर किया। इस अभियान से सारे देश में सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों को गंदगी से मुक्त करने का संदेश दिया गया है।
स्वच्छता अभियान का उद्देश्य-
प्रस्तावना-
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को गुलामी से मुक्त कराया परंतु क्लीन इंडिया का उनका सपना पूरा नहीं हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन की दृष्टि में भी भारत में स्वच्छता की कमी है। इन्हीं बातों का चिंतन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान का औपचारिक शुभारंभ 2 अक्टूबर 2014 गांधी जयंती के अवसर पर किया। इस अभियान से सारे देश में सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों को गंदगी से मुक्त करने का संदेश दिया गया है।
स्वच्छता अभियान का उद्देश्य-
हमारे देश में नगरों के आसपास की कच्ची बस्तियों मे, गांव एवं ढाणियों में शौचालय नहीं है, विद्यालयों में भी पेयजल एवं शौचालय का अभाव है ।इससे खुले में शौच करने से गंदगी बढ़ती है तथा पेयजल के साथ ही वातावरण भी दूषित होता है। गंदगी के कारण स्वास्थ्य खराब रहता है और अनेक बीमारियां फैलती रहती है ।वर्तमान में देश में लगभग 11:15 करोड़ शौचालय की जरूरत है ।स्वच्छता अभियान का पहला उद्देश्य शौचालयों का निर्माण करना तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना है। इस तरह देश को गंदगी से मुक्त करना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
" स्वच्छता ही देश का सौंदर्य है
इसे लाना हमारा कर्तव्य है "
स्वच्छता अभियान का व्यापक क्षेत्र -
भारत सरकार ने इस अभियान को आर्थिक स्थिति से जोड़ा है ।विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गंदगी के कारण प्रत्येक नागरिक को बीमारियों पर औसतन सालाना 12-13 हजार रुपए खर्च करना पड़ता है। इस दृष्टि से सरकार द्वारा बीपीएल एवं लक्षित लघु सीमांत किसान भूमिहीन श्रमिक एवं विकलांग परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में ₹12000 दिया जा रहा है ।इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, शिशु मल निस्तारण, कूड़ा कचरा एवं गंदा जल निवारण तथा विद्यालयों में शौचालय के साथ ही साबुन के प्रयोग पर जोर दिया गया है।
स्वच्छता अभियान प्रारंभ होने के बाद गांव को खुला शौच मुक्त करने मैं काफी सफलता मिली है। अब पेयजल स्रोतों एवं गंगा जमुना नदियों की स्वच्छता का अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य में सभी प्रदेश की सरकार है बड़े कॉरपोरेट सेक्टर और समाज के प्रतिष्ठित लोग सहयोग कर रहे है।
स्वच्छता अभियान से लाभ -
राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान से सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य क्षेत्र में रहेगा आम जनों को बीमारियों से मुक्ति मिलेगी दवाओं पर खर्चा नहीं करना पड़ेगा ,प्रदूषण का स्तर घट जाएगा और जल-मल के उचित निस्तारण से पेयजल भी शुद्ध बना रहेगा। गंगा यमुना का जल अमृत जैसा पवित्र हो जायेगा और सिंचित कृषि -उपजो में भी स्वच्छता बनी रहेगी ।स्वच्छता अभियान से देश का पर्यावरण दिशा मैं स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त हो जाएगा।
उपसंहार-
राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान का लक्ष्य गांधी जी की 150 वी जयंती तक देश को स्वच्छ रूप में प्रस्तुत करना है। सरकार के इस अभियान में जन्नता का सक्रीय सहयोग नितांत अपेक्षित है ।अभी तक इसके प्रारंभिक परिणाम दिखाई दे रहे हैं अभी भी इसकी सफलता प्राप्ति को लेकर सभी आशान्वित है ।
" सीमा पर लड़ना ही नहीं है देश भक्ति का नाम
स्वच्छ बने देश , करो ऐसा काम "



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